ओस की बूँदो सी ये जिन्दगी
रात भर साथ देती है मेरा
धुप निकलते ही न जाने कहाँ चली जाती है। …
दिन के उजाले में मशीन सी ये जिंदगी
शायद तेरा ही इंतजार करती है। …
पल बिता , हर पहर बिता, कब दिन बीते कब साल बीते
तेरे बिना मेरा हर आज और हर कल बिता। …
तेरे इस इंतजार में कहा कुछ हमे पता चला
ना जाने कब हर लम्हा सदियों में बिता
और कब सदियाँ लम्हों में बिता। ...
जब भी देखा किसी चेहरे को तेरी ही सूरत नजर आई। …
कुछ ऐसा किया तूने
इस पल हँसा तो उस पल ग़मों का समंदर नजर आया। …
बस इतनी सी अब इल्तजा है खुदा से
की सुना है मर्जी -ए -खुदा चलता है इस जहाँ में। …
तो इतना तो अब रहमे -ए -करम कर दे मुझपे
की वो न आये ना सही... अब मेरे जहन से उसकी यादो को भी फ़ना कर दे। ...
"SMV..."
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